होली भारत में मनाई जाती है बल्कि दक्षिण भारत में नहीं, यहां जाने मुख्य कारण

होली की शुरुआत बसंत पंचमी के दिन से हो जाती है.

जैसे-जैसे होली का दिन करीब आता जाएगा त्योहार के रंग गाढ़ा चढ़ता नजर आएगा

उत्तर से दक्षिण की तरफ बढ़ें तो होली के रंग हल्का पड़ता जाएगा।

होली के आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है. सनातन परंपरा में यह ऐसा समय होता है जब शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं.

होलाष्टक

दक्षिण भारत में मुन्नार, महाबलीपुरम और भी कई शहर यहां तक कि अंडमान में होली का त्योहार नहीं मनाया जाता है. बल्कि होली से पहले आने वाले 8 दिनों के होलाष्टक में यहां शोक का माहौल रहता है.

दक्षिण भारत के मंदिरों में मुरुगन और कामदेव की प्रतिमाएं हर जगह मिल जाएंगीं. इन दोनों के प्रति केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा में बहुत मान्यता है.