रंगों से ही क्यों खेली जाती है होली किसने शुरु की यह परंपरा

होली रंगों का पर्व है और इस दिन एक-दूसरे को रंग लगाकर इस पर्व को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाते हैं.

होली के दिन लोग सफेद रंगे के कपड़े पहनकर एक-दूसरे को रंग लगाते व बधाई देते हैं।

पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग यानि भगवान श्रीकृष्ण के समय का होली और रंगों का खास संबंध है।

पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग यानि भगवान श्रीकृष्ण के समय का होली और रंगों का खास संबंध है।

इस तरह रंगों से होली खेलकर हमारा मन आनंदित हो जाता है. ये त्योहार लोगों के मन से कटुता को समाप्त कर प्रेम भर देता है.

होली की राख को शास्‍त्रों के अनुसार बहुत ही पवित्र माना जाता है.इस राख से अगर कुछ काम के टोटके किए जाएं तो आपके जीवन में सुख समृद्धि आती है.